रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting the Rate of Chemical Reaction)
⭐ रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक
(Factors Affecting the Rate of Chemical Reaction)
कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ बहुत तेज होती हैं जैसे माचिस जलाना, और कुछ बहुत धीमी जैसे लोहे में जंग लगना। अभिक्रिया की गति किन कारणों पर निर्भर करती है, इन्हें ही अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक कहते हैं।
01. तापमान (Temperature)
तापमान बढ़ाने से अभिक्रिया तेज हो जाती है क्योंकि गर्म कण तेजी से टकराते हैं।
✔ उदाहरण:
• दूध गर्मी में जल्दी फट जाता है
• तेज आंच पर खाना जल्दी पकता है
02 दाब (Pressure)
गैसों की अभिक्रियाओं में दाब बढ़ाने से अभिक्रिया तेज होती है क्योंकि गैस के कण पास आ जाते हैं।
✔ उदाहरण: हैबर प्रक्रिया में उच्च दाब का उपयोग किया जाता है।
03 सांद्रता (Concentration)
अभिकारकों की मात्रा अधिक होने पर टकराव बढ़ता है और अभिक्रिया तेज होती है।
✔ उदाहरण: गाढ़ा अम्ल पतले अम्ल से तेज अभिक्रिया करता है।
04 सतह क्षेत्रफल (Surface Area)
सतह क्षेत्रफल जितना बड़ा होगा, अभिक्रिया उतनी तेज होगी।
✔ उदाहरण:
• कोयला पाउडर रूप में तेज जलता है
• पाउडर चीनी जल्दी घुलती है
05 उत्प्रेरक (Catalyst)
उत्प्रेरक अभिक्रिया की गति को बढ़ाता है लेकिन स्वयं खर्च नहीं होता।
✔ उदाहरण:
MnO₂ → H₂O₂ के अपघटन को तेज करता है।
06 प्रकाश (Light)
कुछ अभिक्रियाएँ प्रकाश में तेज होती हैं, इन्हें प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
✔ उदाहरण:
• AgCl का प्रकाश अपघटन
• प्रकाश-संश्लेषण
07 अभिकारकों की प्रकृति (Nature of Reactants)
हर पदार्थ की अपनी रासायनिक प्रकृति होती है, इसलिए प्रतिक्रिया की गति भी अलग होती है।
✔ उदाहरण:
• पोटैशियम पानी से तुरंत अभिक्रिया करता है
• लोहा धीरे-धीरे प्रतिक्रिया करता है (जंग लगना)
⭐ निष्कर्ष
अभिक्रिया की गति तापमान, दाब, सांद्रता, सतह क्षेत्रफल, उत्प्रेरक, प्रकाश और अभिकारकों की प्रकृति पर निर्भर करती है। इन कारकों को समझकर अभिक्रिया को नियंत्रित किया जा सकता है।

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