विश्व ब्रेल दिवस : समानता की भाषा
हर वर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है। यह दिन दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए ब्रेल लिपि के महत्व को पहचान दिलाने और समावेशी शिक्षा के विचार को सशक्त बनाने का प्रतीक है।
ब्रेल लिपि का विकास लुई ब्रेल ने किया था, जिन्होंने कम उम्र में अपनी दृष्टि खो दी थी। उन्होंने उभरे हुए बिंदुओं पर आधारित एक ऐसी लिपि बनाई जिसे छूकर पढ़ा जा सकता है। यह आविष्कार दृष्टिबाधित समाज के लिए ज्ञान और आत्मनिर्भरता का द्वार बना।
आज ब्रेल केवल किताबों तक सीमित नहीं है। यह लिफ्ट, दवाइयों के पैकेट, बैंक नोट, सरकारी कार्यालयों और डिजिटल उपकरणों में सुलभता सुनिश्चित कर रही है। आधुनिक तकनीक ने ब्रेल को और अधिक प्रभावशाली बनाया है।
यह दिवस समाज को संवेदनशील बनने, दृष्टिबाधित व्यक्तियों के अधिकारों को समझने और समावेशी सोच अपनाने की प्रेरणा देता है। सम्मान और समान अवसर ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान हैं।

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